in

कुंभकरण के बारे में इन Facts को जानें

दोस्तों, महाभारत के सबसे खास पात्र कुंभकरण, रावण का छोटा भाई था। रावण इस धरती के सबसे बुद्धिमान माने जाते हैं। कहा गया है कि, रावण से बुद्धिमान व्यक्ति आज तक कोई पैदा नहीं हुआ और रावण का छोटा भाई कुंभकरण जो कि काफी शक्तिशाली था। आज हम आपको कुंभकरण के बारे में अनसुने किस्से बताएंगे, जिन्हें जानकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे।

Unknown facts about Kumbhakarna in Hindi

3780290d58635e8a99bda8def107cca7
facts about Kumbhakarna
  • कुंभकरण 6 महीने सोता था और 6 महीने जागता था

हम सब यह बात जानते हैं कि, कुंभकरण 6 महीने सोता था और 6 महीने जागता था लेकिन क्या आप जानते हैं, यह उसको एक वरदान मिला था जो ब्रह्मदेव द्वारा उसको दिया गया था। ऐसा माना जाता है कि कुंभकरण ने काफी लंबे समय तक ब्रह्मा जी की तपस्या की थी और ब्रह्मा जी से यह वर मांगा था कि वह 6 महीने की नींद ले और 6 महीने जागे।

  • जब कुंभकरण सकता था तो वह हाहाकार मचा देता था।

रामचरित मानस में लिखा हुआ है कि, लंकापति रावण का भाई अत्यंत बलवान था। वह इतना बलवान था कि, जब है 6 महीने के लिए जता था तो पूरी धरती पर हाहाकार मचा देता था और यही कारण था कि ब्रह्मदेव जी ने उसे 6 महीने सोने और 6 महीने जगने का वरदान दिया था।

0032e5c856d682f93e6326305f44cd24
0032e5c856d682f93e6326305f44cd24
  • सीता माता के बारे में सुनकर कुंभकरण को भी दुख हुआ था।

जब श्रीराम वानर सेना के साथ रावण से युद्ध कर रहे थे, तब उस युद्ध में रावण के कई योद्धा मारे जा चुके थे। यही कारण था कि, रावण ने कुंभकरण की 6 महीने की नींद पूरी होने से पहले ही उसको जगा दिया था। जब कुंभकरण को यह बात पता चली कि उसका भाई रावण सीता माता को उठाकर लेकर आया है तो, कुंभकरण को काफी ज्यादा दुख हुआ था लेकिन वह अपने भाई के साथ था इसलिए उसने श्री राम से युद्ध किया था।

  • कुंभकरण सबसे शक्तिशाली राक्षस था।

ऐसा माना जाता है कि रावण का भाई कुंभकरण सबसे शक्तिशाली राक्षस था। उसमें इतना बल था कि, इंद्रदेव भी उसकी शक्ति और बल से चिड़ने लगे थे।

  • मरते हो गए कुंभकरण ने अपने मुख से जय श्री राम कहा था।

ऐसा माना जाता है कि, रावण को कुंभकरण ने काफी ज्यादा समझाया था कि वह श्रीराम से माफी मांग ले और जगत जननी सीता माता को श्री राम के पास वापस भेज दें। रावण ने कुंभकरण की बात नहीं मानी और श्री राम से युद्ध कर बैठा। अंत में हम आपसे यही कहेंगे कि कुंभकरण एक अच्छा राक्षस था जिसने मरने के बाद अपने मुख से जय श्री राम कहा था और मोक्ष को प्राप्त हो गया था .

Report

Leave a Reply